'पुरुष की यौनिकता आग की तरह है तो स्त्री की पानी…', महर्षि वात्सायन और संत वेलेंटाइन में क्या फर्क है?
<p style="text-align: justify;">आधुनिकता का लबादा ओढ़े यूरोप में जिस समय इश्क का नाम लेने पर लोगों को सूली पर चढ़ा दिया जाता था, उससे हजारों साल पहले ही भारत में महर्षि वात्सायन कामसूत्र की रचना कर चुके थे. वो स्त्री-पुरुष की यौनिकता पर एक पूरा ग्रंथ रचते हैं. </p> <p style="text-align: justify;">वात्सायन अपने ग्रंथ कामसूत्र में … Read more